
ECI Desk
सभी को मिलकर लड़ना होगा - नरेश वशिष्ठ
प्रिय साथियो
मैं नरेश वशिष्ठ—वार्ता 24 का प्रधान संपादक और आपका साथी।
एक बात साफ़ है:
आज पत्रकारिता को जितनी चुनौतियाँ घेर रही हैं, उतनी ही तेज़ी से संपादकों का अकेलापन भी बढ़ रहा है।
और अकेले खड़े होकर कोई भी संपादक इस माहौल से नहीं लड़ सकता।
यही वजह है कि एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया सिर्फ़ एक संगठन नहीं—
यह हमारी सामूहिक ताक़त का नया आधार है।
साथियों,
अगर हम जुड़े, तो यह क्लब देश का सबसे प्रभावशाली संपादकीय मंच बनेगा।
अगर हम बिखरे, तो हमारी आवाज़ भी बिखर जाएगी।
मैं आपसे आग्रह नहीं—
अपेक्षा करता हूँ।
क्योंकि मजबूत संगठन तभी बनता है,
जब उसके सदस्य सिर्फ़ नाम नहीं—
जिम्मेदारी बनकर खड़े हों।
आइए, क्लब से जुड़ें।
संगठन को मजबूती दें।
और देश के हर संपादक की आवाज़ को नई शक्ति प्रदान करें।
आपका साथी,
नरेश वशिष्ठ
संगठन सचिव – एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया
प्रधान संपादक – वार्ता 24
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मैं नरेश वशिष्ठ—वार्ता 24 का प्रधान संपादक और आपका साथी।
एक बात साफ़ है:
आज पत्रकारिता को जितनी चुनौतियाँ घेर रही हैं, उतनी ही तेज़ी से संपादकों का अकेलापन भी बढ़ रहा है।
और अकेले खड़े होकर कोई भी संपादक इस माहौल से नहीं लड़ सकता।
यही वजह है कि एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया सिर्फ़ एक संगठन नहीं—
यह हमारी सामूहिक ताक़त का नया आधार है।
साथियों,
अगर हम जुड़े, तो यह क्लब देश का सबसे प्रभावशाली संपादकीय मंच बनेगा।
अगर हम बिखरे, तो हमारी आवाज़ भी बिखर जाएगी।
मैं आपसे आग्रह नहीं—
अपेक्षा करता हूँ।
क्योंकि मजबूत संगठन तभी बनता है,
जब उसके सदस्य सिर्फ़ नाम नहीं—
जिम्मेदारी बनकर खड़े हों।
आइए, क्लब से जुड़ें।
संगठन को मजबूती दें।
और देश के हर संपादक की आवाज़ को नई शक्ति प्रदान करें।
आपका साथी,
नरेश वशिष्ठ
संगठन सचिव – एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया
प्रधान संपादक – वार्ता 24
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